बजट 2026: भारतीय खेती में डिजिटल क्रांति और किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं

 बजट 2026: भारतीय कृषि के लिए नई राहें और बड़ी घोषणाएं


Budget 2026 Agriculture highlights and Digital Kisan India

नमस्ते किसान भाइयों और कृषि प्रेमियों! हाल ही में पेश हुए बजट 2026 में सरकार ने कृषि को 'डिजिटल' और 'टिकाऊ' (Sustainable) बनाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती में तकनीक का समावेश करना है।


आइए विस्तार से जानते हैं कि इस बजट में कृषि क्षेत्र के लिए क्या खास है:


1. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का विस्तार

सरकार ने कृषि के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का फैसला किया है।


डिजिटल फसल सर्वेक्षण: अब देश भर के राज्यों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा, जिससे फसल के नुकसान का सटीक आकलन और बीमा क्लेम में आसानी होगी।


किसान रजिस्ट्री: आधार की तर्ज पर किसानों की एक डिजिटल पहचान बनाई जाएगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके।


2. प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को प्रोत्साहन

इस बजट में रासायनिक मुक्त खेती पर विशेष ध्यान दिया गया है:


अगले दो वर्षों में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।


इसके लिए 10,000 बायो-इनपुट संसाधन केंद्र (Bio-Input Resource Centres) स्थापित किए जाएंगे, जहाँ किसानों को जैविक खाद और कीटनाशक उपलब्ध होंगे।


3. दालों और तिलहन में आत्मनिर्भरता

भारत को खाद्य तेलों और दालों के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एक नई रणनीति बनाई गई है:


आत्मनिर्भर तिलहन अभियान: सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी के उत्पादन और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


दालों की नई और अधिक उपज देने वाली किस्मों के विकास के लिए रिसर्च फंड बढ़ाया गया है।


4. एग्री-स्टार्टअप्स और युवा शक्ति

ग्रामीण युवाओं को खेती से जोड़ने के लिए भारी निवेश का प्रावधान है:


कृषि त्वरक कोष (Agriculture Accelerator Fund): ग्रामीण क्षेत्रों में एग्री-स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी।


खेती में ड्रोन और AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए नए ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे।


5. बागवानी (Horticulture) और भंडारण

सब्जियों और फलों की खेती करने वाले किसानों के लिए भी अच्छी खबर है:


क्लस्टर विकास: विशिष्ट फलों और सब्जियों के लिए विशेष क्लस्टर बनाए जाएंगे।


कोल्ड स्टोरेज: फसल की बर्बादी रोकने के लिए विकेंद्रीकृत भंडारण क्षमता (Decentralized Storage) बढ़ाई जाएगी, ताकि किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकें और सही दाम मिलने पर बेच सकें।


6. ऋण और वित्तीय सहायता

कृषि ऋण लक्ष्य: बजट में कृषि ऋण (Agriculture Credit) के लक्ष्य को बढ़ाकर 22 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे छोटे किसानों को बैंकों से आसानी से लोन मिल सकेगा।


क्षेत्र (Sector)बजट 2025 की स्थितिबजट 2026 की नई पहल
डिजिटल तकनीकसीमित उपयोग6 करोड़ किसानों के लिए डिजिटल आईडी
प्राकृतिक खेतीशुरुआती चरण1 करोड़ नए किसानों का लक्ष्य
ऋण (Credit)20 लाख करोड़22 लाख करोड़ का लक्ष्य
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ Section)

प्रश्न: डिजिटल किसान रजिस्ट्री क्या है?

उत्तर: यह किसानों का एक आधार जैसा यूनिक डेटाबेस है जिससे उन्हें खाद, बीज और सब्सिडी के लिए बार-बार कागज जमा नहीं करने पड़ेंगे।

प्रश्न: प्राकृतिक खेती शुरू करने के लिए सरकार क्या मदद दे रही है?

उत्तर: सरकार 10,000 बायो-संसाधन केंद्र खोल रही है जहाँ से सस्ते दामों पर जैविक खाद उपलब्ध होगी।


"मेरी नजर में, इस बजट की सबसे बड़ी जीत 'डिजिटल फसल सर्वेक्षण' है। इससे पटवारियों और बीमा कंपनियों के चक्कर काटने की समस्या कम होगी और नुकसान का मुआवजा सीधे बैंक खाते में समय पर मिल सकेगा।"

निष्कर्ष:-

बजट 2026 पूरी तरह से 'आधुनिक किसान' और 'स्मार्ट खेती' पर केंद्रित है। सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से लागत को कम करना और पैदावार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।


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